Friday, May 01, 2009

'एक शाम मेरे नाम' पर अब तक पेश ग़ज़लों और नज़्मों की लिंकित सूची

उर्दू शायरी से मेरा लगाव कॉलेज के जमाने से रहा है और उसकी एक बड़ी वज़ह वो फ़नकार थे जिनकी ग़ज़लें सुन सुन के हम उर्दू शायरी की बारीकियों को समझ सके। कॉलेज के बाद ये सिलसिला तब तक छूटा रहा जब तलक इंटरनेट के उर्दू शायरी मंचों से रूबरू नहीं हुए थे। मंचों पर एक दूसरे की पसंद को पढ़ना और अशआरों के बारे में चर्चा करना बहुत सुखद और ज्ञानवर्धक अनुभव रहा। फिर जब से ये चिट्ठा अस्तित्व में आया तो इसके माध्यम से अपनी पसंद की गज़लों और नज़्मों और शायरों के बारे में लिख कर आप तक पहुँचाता रहा हूँ।

पिछले हफ्ते मेरे हिंदी चिट्ठे 'एक शाम मेरे नाम' ने अंतरजाल पर अपना दूसरा साल पूरा किया तो मुझे लगा कि इस चिट्ठे पर पेश की गई ग़ज़लों और नज्मो की फेरहिस्त को वर्णमाला के क्रम के अनुसार सूचीबद्ध किया जाए ताकि पाठकों को अपनी पसंद को ढूंढने में और मुझे भी ये याद रखने में कि कोई चीज दोबारा तो नहीं जा रही, सहूलियत हो । इस पोस्ट की कड़ी कुछ दिनों बाद आपको साइडबार में भी दिखाई देगी। इन गज़लों और नज्मों की लिंक पर क्लिक करने पर आप उस पोस्ट तक पहुँचेगे जहाँ इनके बारे में लिखा गया है। जिस पोस्ट के साथ आडियो है वहाँ शायर के नाम के साथ साथ गायक गायिका का नाम भी लिखा गया है। साथ ही इस पृष्ठ पर उन सभी लेखों की कड़ियाँ भी होंगीं जो शेर -ओ- शायरी से जुड़े हैं। आशा करता हूँ कि मेरा ये प्रयास आपके लिए उपयोगी होगा।

कलम के सिपाही


  1. अहमद फ़राज़ जिसकी कलम थी अमानत आम लोगों की
  2. क़तील शिफ़ाई भाग:१, भाग: २, भाग: ३, भाग : 4, भाग : 5
  3. मज़ाज लखनवी भाग:१, भाग: २
  4. फैज़ अहमद फ़ैज भाग:१, भाग: २, भाग: ३
  5. परवीन शाकिर भाग:१, भाग: २
  6. सुदर्शन फ़ाकिर
शायराना गुफ़्तगू


  1. आँखों की कहानी, शायरों की जुबानी भाग :1, भाग : 2
  2. चाँद और चाँदनी भाग :1, भाग: 2, भाग : 3 ,

कुछ ग़ज़लें कुछ नज़्में

  1. अक़्स-ए-खुशबू हूँ बिखरने से ना रोके कोई ..... परवीन शाकिर
  2. अज़ब पागल सी लड़की है... आतिफ सईद
  3. अज़ब पागल सी लड़की थी... शायर अज्ञात
  4. अजीब तर्ज-ए-मुलाकात अब के बार रही....... परवीन शाकिर
  5. अपने होठों पर सजाना चाहता हूँ...क़तील शिफ़ाई, गायक जगजीत सिंह
  6. आज के दौर में ऐ दोस्त ये मंज़र क्यूँ है...सुदर्शन फ़ाकिर
  7. आदमी बुलबुला है पानी का...गुलज़ार
  8. आपकी याद आती रही रात भर...फ़ैज़ अहमद 'फ़ैज़'
  9. अशआर मेरे यूँ तो ज़माने के लिये हैं...जां निसार अख्तर
  10. इतना मालूम है, ख्वाबों का भरम टूट गया...परवीन शाकिर
  11. इतनी मुद्दत बाद मिले हो....मोहसीन नक़वी, गायक : दिलराज कौर/गुलाम अली
  12. ऐ गम-ए-दिल क्या करूँ, ऐ वहशत-ए-दिल क्या करूँ ? ... मज़ाज लखनवी गायक : जगजीत सिंह
  13. ऐसी न शब बरात, न बकरीद की खुशी.....नज़ीर अकबराबादी
  14. क्या बतायें कि जां गई कैसे ? ...गुलज़ार गायक जगजीत सिंह
  15. कहाँ थे रात को हमसे ज़रा निगाह मिले... दाग़ देहलवी , गायिका पीनाज़ मसानी
  16. किसी रंजिश को हवा दो कि मैं ज़िंदा हूँ अभी...सुदर्शन फ़ाकिर गायिका : चित्रा सिंह
  17. कुछ तो हवा भी सर्द थी कुछ था तेरा ख़याल भी.... परवीन शाकिर
  18. ख़ुमार-ए-गम है महकती फिज़ा में जीते हैं...गुलज़ार, गायक : जगजीत सिंह
  19. 'गर मुझे इसका यकीं हो , मेरे हमदम मेरे दोस्त' ...फ़ैज़ अहमद 'फ़ैज़' गायिका: टीना सानी
  20. गुज़रे दिनों की याद बरसती घटा लगे.. .क़तील शिफ़ाई की आवाज़ में
  21. चन्द रोज और मेरी जान ! फकत चन्द ही रोज !...फ़ैज़ अहमद 'फ़ैज़'
  22. चराग़-ओ-आफ़ताब ग़ुम, बड़ी हसीन रात थी...सुदर्शन फ़ाकिर, गायक : जगजीत सिंह
  23. चल मेरे साथ ही चल ऐ मेरी जान-ए-ग़ज़ल....हसरत जयपुरी, गायक अहमद हुसैन और मोहम्मद हुसैन
  24. जरा सी बात पे हर रस्म तोड़ आया था.. जां निसार अख्तर, गायक : मुकेश
  25. तमाम फिक्र जमाने की टाल देता है....इंदिरा वर्मा, गायिका : शोमा बनर्जी
  26. तेरी आँखों से ही खुलते हें सवेरों के उफक...गुलज़ार
  27. तेरी ख़ुशबू का पता करती है,मुझ पे एहसान हवा करती है.... परवीन शाकिर
  28. दर्द रुसवा ना था ज़माने में.... इब्ने इंशा
  29. दश्ते- तनहाई में ऐ जाने- जहाँ लर्जां हैं...फ़ैज़ अहमद 'फ़ैज़', गायिका: इकबाल बानो
  30. दिखाई दिए यूँ कि बेखुद किया.......मीर तकी 'मीर' , गायिका: लता मंगेशकर
  31. दिल की हालत को कोई क्या जाने, या तो हम जाने या ख़ुदा जाने... नूर देवासी, गायिका : रूना लैला
  32. दोस्तों ! अब मंच पर सुविधा नहीं है...दुष्यन्त कुमार
  33. प्यास वो दिल की बुझाने कभी आया भी नहीं... .क़तील शिफ़ाई
  34. परेशाँ रात सारी है सितारों तुम तो सो जाओ...क़तील शिफ़ाई, गायक - जगजीत सिंह
  35. पूरे का पूरा आकाश घुमा कर बाजी देखी मैंने...नज़्म गुलज़ार की आवाज़ में
  36. फूलों की तरह लब खोल कभी..गुलज़ार गायक जगजीत सिंह
  37. बरसों के बाद देखा इक शख़्स दिलरुबा सा... अहमद फ़राज़
  38. बस एक लमहे का झगड़ा था....नज़्म गुलज़ार की आवाज़ में
  39. बहार आई तो जैसे इक बार.......फ़ैज़ अहमद 'फ़ैज़' गायिका: टीना सानी
  40. बहुत दिन हो, गए सच्ची, तेरी आवाज़ की बौछार में भीगा नहीं हूँ मैं नज़्म गुलज़ार की आवाज़ में
  41. बहुत दिनों की बात है शबाब पर बहार थी..., सलाम 'मछलीशेहरी', गायक : जगजीत सिंह
  42. बादबाँ खुलने से पहले का इशारा देखना...परवीन शाकिर गायिका : ताहिरा सैयद
  43. बारिश हुई तो फूलों के तन चाक हो गये .... परवीन शाकिर
  44. बोल कि लब आजाद हैं तेरे, बोल, जबां अब तक तेरी है...फ़ैज़ अहमद 'फ़ैज़' गायिका: टीना सानी
  45. भले दिनों की बात है, भली सी एक शक्ल थी.....अहमद फ़राज
  46. मुकद्दर खुश्क पत्तों का, है शाखों से जुदा रहना...... मखमूर सईदी
  47. मुझे अपने ज़ब्त पे नाज था.....इकबाल अज़ीम, गायिका नैयरा नूर
  48. मुझसे पहली सी मोहब्बत मेरी महबूब ना माँग फ़ैज़ अहमद 'फ़ैज़' गायिका: नूरजहाँ
  49. मेरे महबूब, मेरे दोस्त नहीं ये भी नहीं..शौकत परदेशी गायक मुकेश
  50. मैं हूँ तेरा खयाल है और चाँद रात है... वाशी शाह
  51. ये आलम शौक़ का देखा न जाये...अहमद फ़राज गायक गुलाम अली
  52. ये गलियों के आवारा बेकार कुत्ते...फ़ैज़ अहमद 'फ़ैज़'
  53. ये सारा जिस्म झुक कर बोझ से दुहरा हुआ होगा.....दुष्यन्त कुमार
  54. ये शीशे ये सपने ये रिश्ते ये धागे...सुदर्शन फ़ाकिर
  55. यूँ उनकी बज्म-ए-खामोशियों ने काम किया....सईद राही, गायिका:पीनाज़ मसानी
  56. यूँ सजा चाँद कि छलका तेरे अंदाज का रंग... गायिका आशा भोंसले
  57. रात जो तूने दीप बुझाए.... सलीम गिलानी, गायिका आशा भोंसले
  58. रात भर बुझते हुए रिश्ते को तापा हमने.. गुलज़ार की नज़्म 'अलाव'
  59. रात यूँ दिल में खोई हुई याद आई....फ़ैज अहमद फ़ैज गायिका : नैयरा नूर
  60. रौशन जमाल-ए-यार से है अंजुमन तमाम... हसरत मोहानी, गायक : जगजीत सिंह और फरीदा खानम
  61. वो लोग बहुत खुशकिस्मत थे,जो इश्क को काम समझते थे ...फ़ैज़ अहमद 'फ़ैज़'
  62. शहर के दुकानदारों ...तुम ना जान पाओगे...जावेद अख्तर, गायक : नुसरत फतेह अली खाँ
  63. शायद मैं ज़िन्दगी की सहर ले के आ गया...सुदर्शन फ़ाकिर, गायक जगजीत सिंह
  64. शीशों का मसीहा कोई नहीं,क्या आस लगाए बैठे हो .....फ़ैज़ अहमद 'फ़ैज़'
  65. सदमा तो है मुझे भी कि तुझसे जुदा हूँ मैं...क़तील शिफ़ाई, गायक जगजीत सिंह
  66. सब्ज़ मद्धम रोशनी में सुर्ख़ आँचल की धनक .... परवीन शाकिर
  67. साथ चलते आ रहे हैं पास आ सकते नहीं..बशीर बद्र
  68. सुंदर कोमल सपनों की बारात गुज़र गई जानाँ .... परवीन शाकिर
  69. सुनो अच्छा नहीं लगता कि कोई दूसरा देखे
  70. सुनो जानाँ चले आओ तुम्हें मौसम बुलाते हैं.... आतिफ सईद
  71. हम कि ठहरे अजनबी इतनी मदारातों के बाद....फ़ैज अहमद फ़ैज गायिका : नैयरा नूर
  72. हम देखेंगे, लाजिम है कि हम भी देखेंगे...फ़ैज़ अहमद 'फ़ैज़'
  73. हम तो हैं परदेस में, देस में निकला होगा चाँद...राही मासूम रज़ा गायक: जगजीत सिंह
  74. हमने हसरतों के दाग आँसुओं से धो लिए गायक: गुलाम अली
  75. हमसे वो दूर दूर रहते हैं दिल में लेकिन जरूर रहते हैं गायिका: मुन्नी बेगम
  76. हमारी साँसों में आज तक वो हिना की ख़ुशबू महक रही है गायिका नूरजहाँ/महदी हसन
  77. हाथ दिया उसने मेरे हाथ में .क़तील शिफ़ाई की आवाज़ में

नई आवाजें नए शायर

  1. पंख जल गए मेरे पर आजाद हूँ मैं.... विमल

पुनःश्च : कुछ पुरानी पोस्टों में लॉइफलॉगर के काम ना करने की वजह से आडियो लिंक नहीं दिख रहा। इसे बदलने का प्रयास कर रहा हूँ।

14 comments:

yunus on Fri Apr 04, 06:30:00 PM 2008 said...

मनीष सही किया ये काम । हम भी अपने चिट्ठे पर ऐसा वर्गीकरण करने वाले हैं जब पांच दिन बाद एक साल पूरा करेंगे चिट्ठाकारी का ।

अफ़लातून on Fri Apr 04, 09:30:00 PM 2008 said...

इस सूची के पृष्ट की स्थायी कड़ी आपके मुखपृष्ट पर हमेशा हो । आपके लोकप्रिय चिट्ठे के आगन्तुकों में निश्चित बढ़ोतरी होगी।

Udan Tashtari on Fri Apr 04, 09:39:00 PM 2008 said...

यह बड़ा ही उम्दा कार्य किया आपने. ऐसे ही अपने ट्रेवल लॉग की भी सूची बना दें.

रवीन्द्र प्रभात on Fri Apr 04, 09:52:00 PM 2008 said...

सही कार्य किया आपने,यह क्रम अनबरत जारी रहे !

डॉ. अजीत कुमार on Fri Apr 04, 10:32:00 PM 2008 said...

अच्छी ग़ज़लों को खोजने के लिए मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी.
धन्यवाद.

vimal verma on Fri Apr 04, 10:50:00 PM 2008 said...

भाई मान गये आपको,हमारे लिये कितनी मेहनत करते हैं,देखियेगा एक दिन मेहनत रंग लायेगी ये मैं दावे के साथ कह सकता हूँ,इन गुज़रे सालों मे आपको नहीं लगता कि आपने पहाड़ खड़ा कर दिया है हमारी पसन्द का,अब कुछ सुनना हो तो कितनी आसान बना दिया है वहाँ पहुँचने का रास्ता,बहुत बहुत शुक्रिया...

जोशिम on Sat Apr 05, 02:15:00 AM 2008 said...

धन्यवाद मनीष - बहुत सही - इसको अलग से बुक मार्क कर लिया - फुरसत से खाएँगे - बाकी और अभी बुखार ठीक- कमजोरी गायब ?

kumar on Sat Apr 05, 08:45:00 AM 2008 said...

नमस्ते
मनीष जी,
ये मात्र एक सयोंग है की नेट सर्फिंग के दौरान मुझे इतना उम्दा वेब पेज मिल गया,और मैं भी आप सबो के करीब आ सका.
राणु,रांची.

kumar on Sat Apr 05, 08:45:00 AM 2008 said...

नमस्ते
मनीष जी,
ये मात्र एक सयोंग है की नेट सर्फिंग के दौरान मुझे इतना उम्दा वेब पेज मिल गया,और मैं भी आप सबो के करीब आ सका.
राणु,रांची.

kumar on Sat Apr 05, 08:45:00 AM 2008 said...

नमस्ते
मनीष जी,
ये मात्र एक सयोंग है की नेट सर्फिंग के दौरान मुझे इतना उम्दा वेब पेज मिल गया,और मैं भी आप सबो के करीब आ सका.
राणु,रांची.

सागर नाहर on Sat Apr 05, 01:11:00 PM 2008 said...

मजा आ गया, जिन नज़्मों को सुनने से वंचित रह गये उन्हें अब आसानी से सुन सकेंगे। आप इसका लिंक साईडबार में भी दे दीजिये।
बहुत बहुत धन्यवाद और बधाई।

Manish on Mon Apr 07, 10:29:00 PM 2008 said...

मेरे इस प्रयास को सराहने का आप सब का शुक्रिया

समीर जी बाकी विषयों पर भी ये प्रयास ज़ारी है।

जोशिम जी तबियत पहले से काफी बेहतर है। कमज़ोरी अभी पूरी तरह गई नहीं।

कुमार आप राँची से है, जानकर खुशी हुई । आते रहें...

RAJ SINH on Thu Apr 02, 05:08:00 PM 2009 said...

SARA KITNA EK SAATH ? DIL KHUSH HUA . SUNNE BAR BAR AATE RAHENGE IS ANJUMAN ME !

Arvind Mishra on Sun May 03, 07:46:00 PM 2009 said...

बहुत बधाईयाँ ! अब नए वर्ष में मुन्नी बेगम और और मेहंदी हसन की कुछ और गजलों की फरमाईश प्लीज नोट कर लें !

 

Disclaimer

इस चिट्ठे का उद्देश्य अच्छे संगीत, और साहित्य एवम्र उनसे जुड़े कुछ पहलुओं को अपने नज़रिए से विश्लेषित कर संगीत प्रेमी पाठकों तक पहुँचाना और लोकप्रिय बनाना है। इसी हेतु चिट्ठे पर संगीत और चित्रों का प्रयोग हुआ है। अगर इस अव्यवसायिक चिट्ठे पर प्रकाशित चित्र, संगीत या अन्य किसी सामग्री से कॉपीराइट का उल्लंघन होता है तो कृपया सूचित करें। आपकी सूचना पर त्वरित कार्यवाही की जाएगी।

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