मेरी पसंद की कविताओं को समर्पित इस पृष्ठ की शुरुआत के लिए मुझे गोपाल दास 'नीरज' की इन पंक्तियों से बेहतर कोई पंक्ति नहीं लगती..
कविता एक चिड़िया है
जो अपना घोंसला तो
पेड़ की ऊँची से ऊँची शाख पर बनाती है
लेकिन जो अपना भोजन
धरती के गन्दे से गन्दे कोने में खोजती है !
इसलिए,
हे संसार के महापुरुषों !
कविता मत करो
क्योंकि सृजन के लिए
उसके साथ
तुम्हें भी जमीन की
गंदगियों में उतरना पड़ेगा।
काव्य चर्चा
मेरी प्रिय कविताएँ
- आँख का आँसू.....अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिओध'
- आराम करो...गोपाल प्रसाद व्यास
- इक जरा छींक ही दो तुम...गुलज़ार
- इंतजार, इंतजार, बोलो कब तक करूँ मैं इंतजार ?...प्रसून जोशी
- एक दीपक किरण-कण हूँ...डा. राम कुमार वर्मा
- क्या करूँ संवेदना लेकर तुम्हारी?...हरिवंशराय बच्चन
- कौन सा मौसम लगा है ..दर्द भी लगता सगा है....अज्ञात***
- कविराजा कविता के मत अब कान मरोड़ो कवि भरत व्यास उनके ख़ुद के स्वर में
- खोलो प्रियतम खोलो द्वार... डा. राम कुमार वर्मा
- छिप छिप अश्रु बहाने वाले...गोपालदास 'नीरज'
- जो तुम आ जाते एक बार ! ...महादेवी वर्मा
- तुमुल कोलाहल कलह में मैं हृदय की बात रे मन.....जयशंकर प्रसाद, स्वर आशा भोंसले
- दीवट(दीप पात्र) पर दीप....बालकवि बैरागी
- नर हो ना निराश करो मन को... मैथलीशरण गुप्त
- फिर क्या होगा उसके बाद ? ....बालकृष्ण राव
- बीती विभावरी जाग री! ...जयशंकर प्रसाद
- ब्रह्म से कुछ लिखा भाग्य में...रामधारी सिंह 'दिनकर'
- मधुशाला की चंद रुबाइयाँ ..हरिवंशराय बच्चन, स्वर - मन्ना डे भाग १ , भाग २
- मैं हूँ उनके साथ,खड़ी जो सीधी रखते अपनी रीढ़...हरिवंशराय बच्चन, स्वर - अमिताभ बच्चन
- ये गजरे तारों वाले?...डा. राम कुमार वर्मा
- सिर फूटत हौ, गला कटत हौ, लहू बहत हौ, गान्ही जी...कैलाश गौतम
- हिमालय मेरे नगपति ! मेरे विशाल !..... रामधारी सिंह दिनकर
कभी कभी जब कलम चलाता हूँ मैं






8 comments:
आपकी इस मेहनत का फल हम पाठकों को मिलेगा । सप्रेम बधाई ।
कवितायें पढ़कर मन तो मुग्ध हो गया भाई sahab.. इस मेहनत केलिए आपको ढेरो बधाई ...
आपकी इस मेहनत का फल हम पाठकों को मिलेगा ।आभार।
ye acchha kiya MANISH..jo nahi dekha thaa..vo dekhney ka mauka mila..aur varshgaanth- label pe hai.... vo kya?
achha laga aapki mehanat ko dekhkar.vaise aapki kavitaayein maarak hain sahab.
ALOK SINGH "SAHIL"
बुकमार्क करने के लिए ये अच्छा है !
बहुत बढ़िया
आपकी प्रस्तुति को नमन
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