tag:blogger.com,1999:blog-24770698.post-48507814929576751362008-03-11T07:56:00.001+05:302008-12-09T20:38:25.337+05:30असंतोष के दिन : मुंबई दंगों की पृष्ठभूमि में लिखा स्व. डां राही मासूम रज़ा का धारदार उपन्यास'राही मासूम रज़ा' की लिखी ग़ज़लों , फिल्मी पटकथाओं से तो मेरा पूर्व परिचय था, पर एक उपन्यासकार के रूप में मैंने उन्हें पहले नहीं पढ़ा था। उनके निधन पर चिट्ठाजगत में उनके साहित्यिक जीवन की झांकी जरूर पढ़ने को मिली थी और ये भी पता चला था कि 'आधा गाँव' उनकी एक प्रसिद्ध रचना है। इसलिए अपने पुस्तकालय में मोटे-मोटे ग्रंथों के बीच दबी सहमी जब यह पुस्तक अपना असंतोष ज़ाहिर करती दिखी तो इसे पढ़ने की उत्सुकता Manish Kumarhttp://www.blogger.com/profile/10739848141759842115manish_kmr1111@yahoo.com14