tag:blogger.com,1999:blog-24770698.post116281611441388427..comments2007-03-27T13:19:50.919+05:30Comments on एक शाम मेरे नाम: पचमढ़ी में वो पहला दिन भाग : १Manishhttp://www.blogger.com/profile/10739848141759842115noreply@blogger.comBlogger7125tag:blogger.com,1999:blog-24770698.post-1163255190166683102006-11-11T19:56:00.000+05:302006-11-11T19:56:00.000+05:30प्रभाकर जी लेख आपको अच्छा लगा जान कर प्रसन्नता हु...प्रभाकर जी लेख आपको अच्छा लगा जान कर प्रसन्नता हुई । नीरज अरे पहले बताया होता तो आपके ननिहाल के चक्कर लगाकर लौटते और आपसे अप्सरा दर्शन के बहुमूल्य टिप्स जरूर लेते । रही बाकी सभी जगह देखने की बात तो इंतजार करें आगे के विवरण का ।अमित अक्टूबर से मार्च तक सही वक्त है यहाँ आने का । दीपावली के बाद वैसे गुजराती छा जाते हैं पंचमढ़ी के ऊपर । इसलिये उस समय आने के लिये पहले से आरक्षण जरूरी है ।भुवनेश Manishhttp://www.blogger.com/profile/10739848141759842115noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-24770698.post-1162900523264901562006-11-07T17:25:00.000+05:302006-11-07T17:25:00.000+05:30हमने तो सोचा था कि पंचमढी विधायको को हाईजैक कर सुर...हमने तो सोचा था कि पंचमढी विधायको को हाईजैक कर सुरक्षित रखने की जगह है! इन तस्वीरों कि देखने के बाद लगता है कि हमें भी पंचमढी घूम आना चाहिए। अगली कढी का इंतजार रहेगा।इदन्नम्मhttp://idanamum.wordperss.comnoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-24770698.post-1162868775100871772006-11-07T08:36:00.000+05:302006-11-07T08:36:00.000+05:30बड़ी सुंदर जगह है - पंचमढ़ी। प्रोग्राम बनाना पड़ेगा!आ...बड़ी सुंदर जगह है - पंचमढ़ी। प्रोग्राम बनाना पड़ेगा!आपने लिखा भी बहुत सुंदर है।Anonymousnoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-24770698.post-1162849032583748472006-11-07T03:07:00.000+05:302006-11-07T03:07:00.000+05:30मनीष भैया आपने तो घर बैठे ही सैर करा दी वादियों की...मनीष भैया आपने तो घर बैठे ही सैर करा दी वादियों की टी.वी. पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रम की तरह आपके यात्रा विवरण का इंतजार रहता हैभुवनेश शर्माhttp://www.blogger.com/profile/01870958874140680020noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-24770698.post-1162839057934309872006-11-07T00:20:00.000+05:302006-11-07T00:20:00.000+05:30वाह, जगह तो सही लग रही है भईये। अब तो मन कर रहा है...वाह, जगह तो सही लग रही है भईये। अब तो मन कर रहा है कि यहाँ भी होकर आया जाए। बताओ कि यहाँ जाने के लिए कौन सा मौसम ठीक रहता है? आगे के संस्मरण का इंतज़ार है। :)Amithttp://www.amitgupta.in/noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-24770698.post-1162835172178788292006-11-06T23:16:00.000+05:302006-11-06T23:16:00.000+05:30भैये खूब घूमें अपनी नगरिया में.. मैं पचमढ़ी में मह...भैये खूब घूमें अपनी नगरिया में.. मैं पचमढ़ी में महीनों रहा हूं. नौनिहाल है. अप्सरा विहार में अप्सराएं तो आती हैं भैये.. आपको नहीं दिखी. हाय क़िस्मत. रजत प्रपात देखा वाह. बी फाल और डचेस फाल देखा कि नहीं? ये तस्वीरें देखकर बहुत खुशी हुई. गुप्त महादेव पर प्रकाश डालें ताकी पाठक शिव महिमा गान का आनंद ले सकेंनीरज दीवानhttp://neerajdiwan.wordpress.comnoreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-24770698.post-1162833272086267692006-11-06T22:44:00.000+05:302006-11-06T22:44:00.000+05:30"पचमढ़ी में वो पहला दिन भाग : १"जानकारी से भरा हुआ,..."पचमढ़ी में वो पहला दिन भाग : १"जानकारी से भरा हुआ, जीवंत चित्रों से सजा सुंदर लेख। पचमढ़ी का दर्शन कराने के लिए धन्यवाद ।Anonymousnoreply@blogger.com